मकर संक्रांति से पहले बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
मकर संक्रांति आने में अब बस चंद दिन ही बचे हैं... इस मौके पर तेजप्रताप यादव की मकर संक्रांति के दही-चूड़ा भोज की तैयारी ने बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है... बिहार में मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि राजनीति का भी अहम मंच रही है... खासकर राजनीतिक दही-चूड़ा भोज का इतिहास लालू प्रसाद यादव से जुड़ा रहा है... लालू यादव ने वर्षों पहले इस परंपरा को एक सियासी आयोजन का रूप दिया था, जिसमें सत्ता और विपक्ष के बड़े चेहरे शिरकत करते थे... लालू यादव का दही-चूड़ा भोज हमेशा सबसे अलग और चर्चित रहा... अब हालात बदले चूके हैं... लालू प्रसाद यादव अस्वस्थ हैं और सक्रिय राजनीति से दूर हैं... वहीं तेजस्वी यादव इस तरह के पारंपरिक राजनीतिक आयोजनों में खास रुचि लेते नजर नहीं आते... लालू यादव की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, तेजप्रताप ने एनडीए नेताओं सहित कई हस्तियों को निमंत्रण दिया है... राजनीतिक गलियारों में इसे तेजप्रताप की बड़ी सियासी फील्डिंग के तौर पर देखा जा रहा है... इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या यह आयोजन छोटे भाई तेजस्वी यादव को सियासी मात देने की रणनीति है? क्या यह सिर्फ एक पारंपरिक भोज है या फिर भविष्य की राजनीति का संकेत ? आपको क्या लगता है हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा
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