भारत-फ्रांस राफेल डील: यूक्रेन की चिंता और सोर्स कोड पर विवाद
नई दिल्ली। भारत सैन्य इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा सौदा करने की तैयारी में है, इसके तहत वह फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदेगा। यह सौदा करीब 35 से 40 अरब डॉलर का हो सकता है। भारत ने लेटर ऑफ़ रिक्वेस्ट (एलओआर) को मंज़ूरी दे दी है, इस जल्द ही पेरिस भेजा जाएगा। इस समझौते की एक खास शर्त यह है कि 114 विमानों में से 90 का निर्माण स्थानीय शर्तों के तहत भारत में ही होगा, जिसके लिए 50 प्रतिशत पुर्ज़ों का उत्पादन देश में ही होना अनिवार्य है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जून के अंत में प्रस्तावित फ्रांस यात्रा से पहले भारतीय वायु सेना प्रमुख अगले महीने फ्रांस का दौरा कर रहे है। इस साल के अंत तक इस अनुबंध पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। भारत राफेल के वेपन कंट्रोल सिस्टम इंटरफ़ेस तक पहुँच बनाकर अपने स्वयं के हथियार, जैसे अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल और ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल को एकीकृत करने पर भी बातचीत कर रहा है।
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