पथरी की रोकथाम में सहायक है सर्पासन
नई दिल्ली। गलत खान-पान पर्याप्त पानी न पीना और शारीरिक गतिविधियों की कमी आज कम उम्र के लोगों में भी पथरी की समस्या बढ़ा रही है। किडनी में पथरी होने पर शरीर की गंदगी बाहर नहीं निकल पाती जिससे तेज दर्द, जलन और कभी-कभी संक्रमण जैसी परेशानियां होती हैं। आमतौर पर लोग दवाइयों या ऑपरेशन का सहारा लेते हैं लेकिन अगर समय रहते जीवनशैली सुधार ली जाए तो पथरी की समस्या काफी हद तक कम की जा सकती है। योग इस दिशा में एक प्राकृतिक और सरल उपाय साबित होता है। सर्पासन जिसे भुजंगासन या कोबरा पोज़ भी कहा जाता है पेट और कमर के आसपास के अंगों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इसमें पेट के बल लेटकर शरीर को ऊपर उठाया जाता है जिससे पेट कमर और रीढ़ की हड्डी पर हल्का दबाव पड़ता है। यह दबाव किडनी की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और वहां जमा विषैले तत्व धीरे-धीरे बाहर निकलते हैं। नियमित अभ्यास से छोटी पथरी टूटकर पेशाब के रास्ते बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। सर्पासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने में भी सहायक है।
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