Fri. Apr 23rd, 2021

नई दिल्ली। दक्षिण पूर्व दिल्ली के तैमूर नगर में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बांग्लादेशी बदमाशों के बीच देर रात मुठभेड़ हुई। गोली लगने से 2 बदमाश घायल हुए, जबकि एक हवलदार की बुलेट प्रूफ जैकेट पर गोली लगी है। घायल बदमाशों को अस्पताल में भर्ती कराया है। जुलाई में प्रीत विहार में एक एएसआई को इन्होंने ही गोली मारी थी। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में डकैती और लूटपाट के 10 मामले सुलझाने का दावा किया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन का कहना है कि पकड़े बदमाशों की पहचान फारुख, कबीर, जाकिर, इंदादुल और असलम के रूप में हुई है। इनसे 3 तमंचे, 5 कारतूस और तीन खोखे बरामद हुए हैं। गत 26 जुलाई की ये बदमाश प्रीत विहार में लूटपाट करने गए तो एएसआई लोकेश कुमार ने एक को पकड़ लिया। अपने साथी को छुड़ाने के लिए अन्य बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी और फरार हो गए। इस घटना में शामिल 3 बदमाशों को दिल्ली पुलिस ने पकड़ लिया था। उसने कहा कि गैंग का सरगना फारुख है। एसीपी पंकज सिंह के नेतृत्व वाली पुलिस टीम को देर रात फारुख और अन्य बदमाशों के तैमूर नगर में होने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर बदमाशों को समर्पण के लिए कहा, लेकिन उन्होंने गोली चला दी। बदमाशों ने पूछताछ में कहा कि ये राजस्थान, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, यूपी और गोवा में 100 से ज्यादा वारदात कर चुके हैं। जिस घर में डकैती करते थे, उस परिवार की महिलाओं से दुष्कर्म करते थे, ताकि शर्मिंदगी की वजह से वे पुलिस को शिकायत नहीं करें। अब तक की जांच में दिल्ली और एनसीआर में 10 वारदात का खुलासा हुआ है, लेकिन किसी में भी पीड़ित परिवार ने दुष्कर्म की शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी। वारदात करने के बाद ये बांग्लादेश भाग जाते थे।

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