मोदी सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 3.25 लाख करोड़ रूपये के अतिरिक्त व्यय पर संसद की मंजूरी मांगी
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए अनुदान की अनुपूरक मांग के तहत 3.25 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय के लिए संसद की मंजूरी मांगी। इसमें 1.09 लाख करोड़ रूपये की राशि उर्वरक सब्सिडी के भुगतान के मद में है। इसके अलावा 80348.25 करोड़ रूपये खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के व्यय को पूरा करने के लिए है जो मुख्य रूप से गरीबों को नि:शुल्क खाद्यान्न प्रदान करने से जुड़ा है। लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने वर्ष 2022-23 के लिये अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच को दर्शाने वाला विवरण प्रस्तुत किया।
निचले सदन में वर्ष 2022-23 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच में 4.36 लाख करोड़ रूपये के सकल अतिरिक्त व्यय के लिए मंजूरी मांगी गई है। इसमें से 3.25 लाख करोड़ रूपया नकद निवल व्यय के रूप में है जबकि विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों की बचत और बढ़ी हुई प्राप्तियों या वसूलियों के जरिये 1.10 लाख करोड़ रूपये का प्रावधान होगा।
चालू वित्त वर्ष के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच में तेल विपणन कंपनियों को भुगतान एवं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन के संबंध में व्यय के लिये 29944 करोड़ रूपये की राशि की मंजूरी मांगी गई है। दूरसंचार एवं रेल मंत्रालय से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिये क्रमश: 13669 करोड़ रूपये और 12000 करोड़ रूपये के अतिरिक्त व्यय की मंजूरी मांगी गई है।
इसके अलावा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को जीएसटी मुआवजे के भुगतान के लिए 10 हजार करोड़ रूपये मांगे गए हैं।वहीं ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए 46000 करोड़ रूपये के अतिरिक्त व्यय की मंजूरी मांगी गई है जिसमें से 4920 करोड़ रूपये महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए हैं।
Sunil Singh
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