Mon. Mar 1st, 2021

विशेष प्रतिनिधि

मुंबई । महाराष्‍ट्र में राष्‍ट्रपति शासन लगने के बावजूद पार्टियां एक दूसरे को निशाना बनाने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं। अब शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में संपादकीय के जरिए भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा है कि महाराष्‍ट्र में सरकार गठन के लिए नए समीकरण बनता देख कई लोगों के पेट में दर्द शुरू हो गया है। हमें शाप दिए जा रहे हैं कि सरकार बन भी गई तो देखते हैं कितने दिन टिकेगी,
बता दें कि कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के बीच महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर न्‍यूनतम साझा कार्यक्रम पर बातचीत जारी है। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि सीएम पद पांच साल के लिए शिवसेना को देने के साथ ही कांग्रेस-राकांपा दोनों दलों को एक-एक उपमुख्यमंत्री का पद देने की बात चल रही है। इस बीच बीते दिनों राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि हमें नहीं लगता कि ऐसी सरकार छह महीने से ज्यादा चलेगी।
इतना ही नहीं भाजपा भी मौके की ताक में नजर आ रही है। मुंबई में चल रही भाजपा की तीन दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन कल शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने बातचीत में दावा किया कि भाजपा के पास 119 विधायक हैं और उसको साथ लिए बिना किसी की सरकार बन ही नहीं सकती है। मालूम हो कि भाजपा को विधानसभा चुनाव में 105 सीटें मिली हैं और वह 14 निर्दलीय विधायकों के समर्थन हासिल होने का दावा कर रही है
शिवसेना ने फडणवीस के इसी बयान पर निशाना साधा है। पार्टी ने लिखा है कि राज्य में नए समीकरण बनता देखकर कई लोगों के पेट में दर्द शुरू हो गया है। हमें ऐसे शाप दिए जा रहे हैं कि यदि सरकार बन गई तो टिकेगी कितनी दिन। यह भी भविष्य बताया जा रहा है कि महाशिवआघाड़ी की नई सरकार छह महीने से ज्यादा सरकार नहीं चलेगी। पार्टी ने तंज कसा है कि यह धंधा (भविष्‍यवाणी करने का) लाभदायक भले हो लेकिन अंधश्रद्धा कानून को तोड़ने वाला है।
शिवसेना ने तंज कसते हुए कहा है कि हम महाराष्ट्र के मालिक हैं खुद को ऐसा मानने वालों को इस मानसिकता से बाहर आने की जरूरत है। यह मानसिक अवस्था 105 वालों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इससे मानसिक संतुलन बिगड़ेगा और पागलपन का दौर शुरू हो जाएगा। शिवसेना ने यह भी पूछा है कि भाजपा राज्यपाल से मिलकर जब साफ कर चुकी है कि उसके पास बहुमत नहीं है तो राष्ट्रपति शासन के बाद यह कैसे मिल जाएगा।
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने भी कल भाजपा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस-राकांपा-शिवसेना की यह सरकार न सिर्फ बनेगी, बल्कि कार्यकाल भी पूरा करेगी। दूसरी ओर सूत्रों का मानना है कि राकांपा सुप्रीमो शरद पवार इंदिरा गांधी की जयंती 19 नवंबर पर सोनिया गांधी से मुलाकात करके ‘महाशिवआघाड़ी’ सरकार की रूपरेखा पर अंतिम मुहर लगा देंगे। दूसरी ओर उनकी पार्टी पूर्व शिवसेना संस्थापक बालासाहब ठाकरे की पुण्यतिथि 17 नवंबर को उनके समाधिस्थल शिवाजी पार्क पर शक्ति प्रदर्शन की योजना बना रही है।

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