Sun. Feb 28th, 2021

विशेष प्रतिनिधि

फिरोज नियुक्ति मामले में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में चल रहा विरोध प्रदर्शन छात्रों ने शुक्रवार को 16वें दिन खत्म कर दिया है। जानकारी के मुताबिक छात्र अपना विरोध जारी रखेंगे। वहीं संकाय में कक्षाओं और परीक्षा का भी छात्र बहिष्कार करेंगे। बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय (एसवीडीवी) में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में संकाय में पंद्रह दिन से बंद ताला बृहस्पतिवार को खुल गया। संकाय प्रमुख प्रो. बिंदेश्वरी मिश्र का दावा है कि छात्रों से बातचीत के बाद संकाय का ताला खुलवाया गया है, ताकि पठन-पाठन का माहौल बन सके।
हालांकि डॉ. फिरोज एसवीडीवी में पढ़ाएंगे या नहीं, इस पर संशय बरकरार है। वह बीएचयू आएंगे या नहीं, क्लास लेंगे या नहीं, इस पर भी कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। एसवीडीवी के साहित्य विभाग में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति के विरोध में सात नवंबर से ही ताला बंद था। इस वजह से पढ़ाई ठप है। शिक्षक हर दिन संकाय जाते थे, लेकिन उन्हें बाहर रहना पड़ता था। उधर, कुलपति आवास के सामने डॉ. फिरोज की नियुक्ति के विरोध में धरने पर बैठे छात्रों ने बृहस्पतिवार को भी हनुमान चालीसा का पाठ किया।
बृहस्पतिवार दोपहर चीफ प्रॉक्टर प्रो. ओपी राय के साथ संकाय प्रमुख और कुछ शिक्षक छात्रों के पास पहुंचे। उन्होंने मांगों को एक-एक कर पढ़ा और दस दिन के भीतर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। साथ ही विश्वविद्यालय हित में धरना समाप्त करने और संकाय को खुलवाने की बात कही। उनका यह आश्वासन काम नहीं आया और छात्र धरना समाप्त करने से इंकार कर दिया।
छात्रों ने यह भी कहा कि संकाय ताला खोलने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। छात्रों ने जब संकाय प्रमुख से पूछा कि संकाय खुलने पर क्या डॉ. फिरोज पढ़ाने आएंगे तो संकाय प्रमुख बिना कोई जवाब दिए चले गए। संकाय में बंद ताला खुलने के बाद माना जा रहा है कि शुक्रवार से यहां पहले की तरह पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
वहीं बृहस्पतिवार दोपहर शिक्षकों ने छात्रों की मांगों पर दस दिन के भीतर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया और धरना समाप्त करने और संकाय में बंद ताला खोलने के लिए कहा। इसके बाद संकाय का ताला खुला और संकाय प्रमुख के साथ शिक्षक अंदर गए। इस बीच बीएचयू पीआरओ के ट्विटर हैंडल पर संकाय खुलने के साथ ही धरना समाप्त होने की पोस्ट डाल दी गई।
जब छात्रों को इसकी जानकारी हुई तो वह भड़क गए और विरोध करने लगे। इसके कुछ ही समय बाद इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। पीआरओ डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि धरना खत्म होने का जो मैसेज उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट किया था, उसे डिलीट कर दूसरा मैसेज डालकर स्थिति साफ कर दी गई है।

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