Dark Mode
  • Tuesday, 31 March 2026
विलेन से लेकर संवेदनशील किरदारों तक प्रकाश राज का शानदार फिल्मी सफर

विलेन से लेकर संवेदनशील किरदारों तक प्रकाश राज का शानदार फिल्मी सफर

मुंबई । ‘आली रे आली, आता तुमची बारी आली’यह डायलॉग सुनते ही जयकांत शिकरे का खौफनाक चेहरा सामने आ जाता है, जिसे प्रकाश राज ने फिल्म सिंघम में जीवंत किया था। अपने किरदार को और प्रभावशाली बनाने के लिए उन्होंने बॉडी लैंग्वेज में बदलाव करते हुए गुस्से को हाथों की खास हरकतों से जाहिर किया, जो स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं था। यही समर्पण उन्हें हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा का दमदार विलेन बनाता है।

Comment / Reply From

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!