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  • Saturday, 21 February 2026
सिर्फ दवाओं से मिर्गी पूरी तरह नियंत्रित नहीं होती: विशेषज्ञ

सिर्फ दवाओं से मिर्गी पूरी तरह नियंत्रित नहीं होती: विशेषज्ञ

नई दिल्ली। हैल्थ विशेषज्ञों की माने तो मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल विकार है, जो मस्तिष्क की कार्य प्रणाली को प्रभावित करता है। इस बीमारी के दौरे अचानक पड़ते हैं, जिससे मरीज और उसके परिवार दोनों को शारीरिक और मानसिक तनाव झेलना पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ दवाओं से मिर्गी पूरी तरह नियंत्रित नहीं होती, बल्कि मानसिक शांति और नियमित जीवनशैली भी इसके नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस दिशा में योग बेहद उपयोगी माना गया है, क्योंकि यह न केवल शरीर को लचीला बनाता है बल्कि मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम को भी शांत करता है। मिर्गी के मरीजों के लिए उत्तानासन एक बेहद लाभकारी योगासन है। यह आसन कंधे, कमर और पैरों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है, जिससे शरीर में लचीलापन आता है और मस्तिष्क को शांति मिलती है। नियमित अभ्यास से तनाव और चिंता कम होती है, जिससे मिर्गी के दौरे आने की संभावना घटती है।

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